कभी कुछ नही बनने पर चर्चा!

कभी नहीं एक लंबा समय है! वियना कोर्ट ओपेरा के निर्देशक गायन की तकनीक के बारे में ज्यादा जानते थे। इच्छा की शक्ति के बारे में, जब इसे एक जुनून के अनुपात में मान लिया जाता है वह कम ही जानते थे। यदि वह उस शक्ति के बारे में अधिक जानते होते, तो उन्होंने एक अवसर दिए बिना प्रतिभा की निंदा करने की गलती नहीं की होती। कई साल पहले, मेरे एक व्यापार सहयोगी बीमार हो गए थे। समय बीतने के साथ उनकी स्थिति और भी बदतर हो गई और अंत में उन्हें एक ऑपरेशन के लिए अस्पताल ले जाया गया। उन्हें ऑपरेटिंग रूम में ले जाये जाने के ठीक पहले, मैंने उन्हें देखा और आश्चर्य में पड़ गया कि कोई उनकी तरह दुबला और क्षीण व्यक्ति, संभवतः एक बड़े ऑपरेशन से सफलतापूर्वक कैसे गुजर सकता है। चिकित्सक ने मुझे चेतावनी दी कि उसे फिर से जीवित देखने का कोई भी मौका बहुत कम था। लेकिन वह डॉक्टर की राय थी। यह रोगी की राय नहीं थी। उसे स्ट्रेचर पर ले जाये जाने से ठीक पहले, वह, अस्पष्टता से फसफसाया था, “चीफ, आप परेशान मत हों, मैं कुछ ही दिनों में यहाँ से बाहर आ जाऊँगा”। पास में मौजूद नर्स ने मुझे दया के साथ देखा। लेकिन मरीज सुरक्षित रूप से बाहर आ गया था। यह सब खत्म हो जाने पर, उसके चिकित्सक ने कहा था, “कुछ नहीं बल्कि उसकी खुद की इच्छा ने उसे जिन्दा बचाया है। वह जीवित नहीं बचा होता यदि उसने मृत्यु की संभावना को स्वीकार करने से मना नहीं कर दिया होता।” मैं विश्वास द्वारा समर्थित इच्छा की शक्ति में विश्वास करता हूँ, क्योंकि मैंने इसबीशक्ति को बहुत निचले स्तर से शुरुआत करने वाले लोगों को सत्ता और धन के शिखरों पर पहुंचाते हुए देखा है; मैंने इसे विपत्ति ग्रस्त लोगों पर दबा हुआ खजाना लुटाते हुए देखा है; मैंने इसे सैकड़ों अलग-अलग तरीकों से पराजित हुए लोगों के लिए बाद में वापसी का मंचन करने के माध्यम के रूप में सेवा करते देखा है; मैंने इसे प्रकृति द्वारा कान के बिना ही दुनिया में भेजे होने के बावजूद, अपने ही बेटे को एक सामान्य, सुखी, सफल जीवन प्रदान करते देखा है! एक व्यक्ति इच्छा की शक्ति का दोहन और उपयोग कैसे कर सकता है? इसका इस किताब के इस और बाद के अध्यायों के माध्यम से जवाब दिया गया है!

अमेरिका के ज्ञात इतिहास में अबतक के सबसे लंबे समय तक रहने वाले, और शायद, सबसे अधिक विनाशकारी मंदी के अंत में दुनिया को यह संदेश प्रसारित किया जा रहा है। यह अनुमान करना उचित है कि यह संदेश कई ऐसे लोगों के ध्यान में आ सकता है जो लोग मंदी की मार से घायल हो गए हैं, वे लोग जिन्होंने अपना भविष्य गवां दिया है, दूसरे अन्य लोग जिन्होंने अपने पदों को खो दिया है, और बड़ी संख्या में वे लोग जिन्हें अपनी योजनाओं का पुनर्निर्माण करना और एक वापसी का मंचन चाहिए। इन सभी को मैं यह सोच संप्रेषित करना चाहता हूँ कि सभी उपलब्धियां, उनकी प्रकृति या उनका उद्देश्य चाहे कुछ भी हो सकती है, कुछ निश्चित वस्तुओं की एक तीव्र, ज्वलंत इच्छा के साथ शुरू होती हैं। “मानसिक रसायन शास्त्र” के कुछ अज्ञात और शक्तिशाली सिद्धांत के माध्यम से जिसका उसने कभी खुलासा नहीं किया है, प्रकृति “वह कुछ” मजबूत इच्छा के आवेग में लपेटती है जो असंभव जैसे किसी शब्द को नहीं पहचानती है, और विफलता जैसी किसी वास्तविकता को स्वीकार नहीं करती है!


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