अपनी सोंच पर शिक्षा चर्चा!

पकड़ लग जा काव क मन म था कहीं आपके मेकअप में (शायद आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं में) उपलब्धि के बीज सोये पड़े हैं, जिन्हें यदि जगाया जाये और कार्रवाई में डाला जाये, तो आपको उन ऊंचाइयों पर ले जाएंगे, जैसा कि शायद आपने कभी पाने की उम्मीद भी नही की होगी! बिलकुल जैसे एक संगीतज्ञ संगीत की सबसे खूबसूरत धुनों को, एक वायलिन के तारों में से छोटे- छोटे अंशो में निकलवाता है, ऐसे ही आप अपने दिमाग में सोई हुई प्रतिभा को जगा सकते हैं, और इससे खुदको ऊपर, अपने किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए प्रेरित करवा सकते हैं। अब्राहम लिंकन, तब तक हर उस काम में विफल रहा जिसकी उसने कोशिश की, जब तक उसने चालीस वर्ष की आयु पूरी नहीं कर ली। वह तब तक एक मामूली आदमी था जब तक उसके जीवन में एक बहुत बड़ा अनभव नहीं आया, उसके दिल और दिमाग के भीतर सो रही प्रतिभा को जगाया और दनिया को इसके वास्तविक महान पुरुषों में से एक दिया। वह “अनुभव” दु:ख और प्यार की भावनाओं का मिला जुला रूप था। यह ऐनी रट्लेज के माध्यम से उनके पास आया था, वह एकमात्र महिला जिसे वह कभी सच में प्यार करते थे। यह एक ज्ञात तथ्य है कि प्यार की भावना, विश्वास के रूप में जानी जाने वाली मन की स्थिति के काफी हद तक समान है और इस कारण से प्यार किसी के विचार आवेगों को उनके आध्यात्मिक समतुल्य में बदलने के लिए बहुत निकट आता है। अनुसंधान के अपने काम के दौरान, लेखक ने उत्कृष्ट उपलब्धि के पुरुषों के सैकड़ों जीवन-कार्य और उपलब्धियों के विश्लेषण से खोजा कि उनमें से लगभग हर एक के पीछे एक महिला के प्यार का प्रभाव था। मानव हृदय और मस्तिष्क में, प्यार की भावना, चुंबकीय आकर्षण का एक अनुकूल क्षेत्र बनाती है, जो उच्च और महीन कंपन, जो हवा में तैरते हुए होते हैं, के अंतर्वाह का एक कारण बनता है। यदि आप विश्वास की शक्ति का सबूत चाहते हैं, तो उन पुरुषों और महिलाओं की उपलब्धियों का अध्ययन कीजिये जो इसका प्रयोग कर चुके हैं। इस सूची में सबसे ऊपर नजर आती है। ईसाई धर्म एकमात्र सबसे बड़ा एकल बल है जो पुरुषों के मन को प्रभावित करता है। ईसाई धर्म का आधार आस्था है, कोई बात नहीं कि कितने लोग पथभ्रष्ट हुए होंगे या इस महान शक्ति की गलत व्याख्या की होगी और कोई बात नही कितने सिद्धांत और धर्म इसके नाम पर बनाये गए हैं, जो इसके सिद्धांतों को नहीं दर्शाते हैं!

ईसा मसीह की शिक्षाओं और उपलब्धियों का तात्पर्य, जिनकी हो सकता है “चमत्कार” के रूप में व्याख्या की गई हो, आस्था से अधिक कुछ नहीं था। यदि ‘चमत्कार’ के रूप में ऐसी कोई भी अजीबोगरीब घटना हैं तो वे केवल आस्था के रूप में जानी जाने वाली मन की स्थिति के माध्यम से उत्पादित की जाती हैं! कुछ धर्म के शिक्षक, और कई जो खुद को ईसाइ कहते हैं, न तो आस्था को समझते हैं और न ही उसका अभ्यास करते हैं। चलो विश्वास की शक्ति पर विचार करें, जैसा कि अब यह एक आदमी, भारत के महात्मा गाँधी, जो सभी सभ्यताओं द्वारा बखूबी जाने जाते हैं, द्वारा प्रदर्शित किया जा रहा है। इस आदमी में, दुनिया के पास, सभ्यता को ज्ञात आस्था की संभावनाओं के सबसे चौंकाने वाले उदाहरणों में से एक है। इस तथ्य के बावजूद कि उनके पास पैसे, युद्ध पोतों, सैनिकों और युद्ध की सामग्री जैसे शक्ति के कोई भी रूढ़िवादी उपकरण नहीं है, गाँधी इस समय जिवित किसी भी आदमी से अधिक संभावित ताकत उपयोग करते हैं। गांधी के पास कोई पैसा नहीं है, कोई घर नहीं है, कपड़े का कोई सूट नहीं है, लेकिन उनके पास शक्ति है!

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